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इस नंबर को न करें डायल, वरना फोन हो जाएगा रिसेट

नई दिल्ली। दुनिया भर में अरबों लोग एंड्रॉयड फोन्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन फोन्स में ऐसे कई छुपे हुए फीचर्स होते हैं, जिनके बारे में शायद ही हमें पता होता है। अमूमन देखा जाता है कि हमारे मोबाइल फोन्स में जब हम कुछ कोड नंबर्स को डायल करते हैं, तो फोन से जुड़ी कई जानकारियां हमारे सामने आ जाती हैं। उदाहरण के तौर पर जब हम मोबाइल फोन के डायल स्क्रीन पर *#06#  डायल करते हैं, तो फोन की ई एम आई संख्या स्क्रीन पर हमें देखने को मिलती है। इसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसे नंबर के बारे में बताने वाले हैं, जिसे भूल कर भी नहीं डायल करना चाहिए। अगर आप इस नंबर को डायल करते हैं, तो पल भर में ही आपका फोन रिसेट हो जाएगा। फोन रिसेट होने के बाद आपका सारा जरूरी डाटा वाइप आउट हो सकता है। इसी सिलसिले में आइए जानते हैं उस नंबर के बारे में, जिसे डायल करने से फोन रिसेट हो जाता है।
हमारे एंड्रॉयड मोबाइल के भीतर ऐसे कई डायल कोड होते हैं, जिनकी मदद से फोन के विषय में काफी कुछ जाना जा सकता है। अगर आप अपने एंड्रॉयड मोबाइल में *#07#  डायल करते हैं तो आपको उसकी Specific Absorption Rate (SAR) वैल्यू के बारे में पता चल जाएगा। 
इसके अलावा आप #*#225#*#* कोड को डायल करके इस चीज को चेक कर सकते हैं कि आपके मोबाइल कैलेंडर ने कितनी स्टोरेज को कवर किया हुआ है। वहीं *#*#4636#*#* कोड के जरिए फोन की बैटरी और नेटवर्क स्टेटिस्टिक्स के बारे में जानकारी जुटा सकते हैं। 
वहीं अगर आप गलती से *2767*3855# नंबर को डायल करते हैं, तो आपका फोन रिसेट हो जाएगा। इससे आपका सारा जरूरी डाटा फोन से डिलीट हो सकता। ऐसे में बिना सोचे समझे इस नंबर को कभी भी डायल करने की भूल न करें।
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बढ़ते वजन को रखे कंट्रोल

नई दिल्ली:- कोरोना वायरस महामारी सभी के लिए कई तरह की मुसीबतों से भरा रहा है। एक तरफ, इससे संक्रमित हो जाने का डर लगातार बना हुआ है, वहीं, दूसरी तरफ घर पर बैठे-बैठे लोगों का वजन बढ़ने लगा जिसका असर दिमागी स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता नजर आ रहा है। कोरोना वायरस के बाद 60 प्रतिशत से ज़्यादा वयस्क वज़न बढ़ने से परेशान हैं।
अपनी उम्र, शरीर की ज़रूरत और फिज़िकल एक्टिविटी के स्तर के अनुसार, रोज़ाना कितनी कैलोरी लेनी है उसे तय कर लें और फिर इसे खाने और स्नैक्स में बांट लें। दिनभर में कितनी कैलोरी ले रहे हैं इसका ध्यान रखने से वजन को संतुलित रखा जा सकता है। इसके लिए अपनी भूख पर काबू पाने के लिए फाइबर का सेवन बढ़ा दें। ऐसे फल, सब्ज़ियां और साबुत अनाज खाएं, जिसमें फाइबर की मात्रा अच्छी होती है। इससे आपका पेट ज़्यादा देर के लिए भरा रहेगा। फाइबर पाचन स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है, आंत बैक्टीरिया में सुधार करता है और कब्ज़ को दूर रखता है।
आमतौर पर बारिश या सर्दी के मौसम में प्यास कम लगती है, इसलिए सभी लोग पानी भी कम पीते हैं। जिसकी वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। कई बार प्यास लगने को हम भूख समझ लेते हैं, और पानी की जगह खाना खा लेते हैं। इसलिए दिनभर में कम से कम दो लीटर पानी पिएं।
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प्रोटीन और स्वाद से भरपूर राजमा रायता

राजमा रायता खाने में जितना लजीज होता है, उतना ही प्रोटीन युक्त भी होता है। दही तो फायदेमंद होता ही है और राजमा में भी प्रोटीन होता है। इन दोनों के मिश्रण से बनने वाला राजमा रायता एक यूनिक डिश है, सबको पसंद आएगी।
राजमा रायता की सामग्री
आधा कप राजमा (रात भर भिगोया हुआ), 1 बाउल दही, स्वादानुसार काला नमक, 1 चम्मच भुना जीरा पाउडर, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर, हरा धनिया सजाने के लिए।
राजमा रायता बनाने की विधि
स्टेप 1 - राजमा रायता बनाने के लिए सबसे पहले राजमा को रात भर भिगोकर रख दीजिए। उसके बाद उसे उबाल कर छान लीजिए।
स्टेप 2 - अब एक कटोरे में दही, नमक और शहद डालकर मिला लें। इसे अच्छे से फेंट लें ताकि ये मिश्रण क्रीमी हो जाए।
स्टेप 3 - फिर भुना हुआ जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और काली मिर्च पाउडर को दही वाले मिश्रण में डालकर मिला लीजिए।
स्टेप 4 - अब इसमें उबला हुआ राजमा मिला लीजिए। हरा धनिया पत्ती से राजमा रायता को गार्निश करें।
अब खाने के साथ स्वादिष्ट राजमा रायता सर्व करें।
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दांतों के पीलेपन को दूरकर मोतियों सा चमकाय

दांतों पर अगर पीलापन हो तो यहां कुछ ऐसी होम रेमेडीज हैं, जिनके मदद से आप मोतियों जैसे चमचमाते दांत पा सकते हैं.
दांतों के पीलेपन के पीछे कई कारण हो सकते हैं. जिससे दांत पीले पड़ सकते हैं. इसके अलावा जेनेटिक, धूम्रपान, दवाओं का असर और उम्र की वजह से भी दांत पीले पड़ जाते हैं.
एक शोध के मुताबिक केले के छिलके, संतरे के छिलके और नींबू के छिलके से दांतों को चमकाया जा सकता है. इनमें भरपूर मात्रा में सिट्रिक एसिड होता है. जो दांतो को साफ करने में मदद करता है. इसके अलावा एंटीबैक्टीरियल तत्व भी होते हैं. जो दांत की सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं. इन छिलकों को लेकर दांतो को अच्छे से स्क्रब करें, और 2 मिनट के बाद में पानी से मुंह धो लें. एक हफ्ते तक ऐसा लगातार करें।
एप्पल साइडर विनेगर में ब्लीचिंग प्रॉपर्टीज होते हैं, जो दांतों को साइन करने में मदद करते हैं. दो चम्मच विनेगर को एक कप पानी में मिलाएं, और इससे माउथवॉश की तरह इस्तेमाल करें। ब्रश करने के पहले, उसके बाद सादे पानी से मुंह धो लें. 
ऑयल पुलिंग दांतों की सेहत के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है, इसके अलावा यह ओरल हेल्थ के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. इस प्रक्रिया से दांतों पर प्लाक नहीं जमता. रोज सुबह एक चम्मच वर्जिन कोकोनट यानी नारियल का तेल लेकर ऑयल पुलिंग करें. इसके लिए मुंह तेल लें और उसे मुंह के चारों ओर दस मिनट तक घुमाएं. ध्यान रहे कि यह तेल अंदर नहीं जाना चाहिए. 10 मिनट बाद कुल्ला कर दें और फिर एक गिलास पानी पियें उसके बाद ब्रश करें।
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डाइट और लाइफस्टाइल से ठीक करे फैटी लिवर

लिवर शरीर का ऐसा अंग है, जो दिक्कत होने के बाद पूरी तरह बहुत तेज़ी से स्वस्थ भी हो सकता है। फैटी लीवर में इन्फ्लेमेशन बढ़ने से दिक्कतें बढ़ सकती हैं। साल में कम से कम 2 बार ब्लड टेस्ट जरूर कराएं ताकि स्वास्थ्य के बारे में पूरी जानकारी आपको मिल सके।
लिवर में 5 से 10 परसेंट फैट होता है लेकिन जब इससे ज्यादा फैट लीवर में इक_ा हो जाता है. तो इसे फैटी लीवर कहते हैं। फैटी लीवर दो तरह का होता है एक होता है एल्कोहलिक दूसरा होता है. नॉनएल्कोहलिक एल्कोहलिक फैटी लिवर आगे चलकर लिवर सिरोसिस का भी कारण बन सकता है. इसलिए जरूरी है कि दोनों ही सूरत में शराब से दूर रहें। खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं ताकि शरीर से फैट कम हो और फैटी लीवर की समस्या से जल्दी निजात मिले. प्रोटीन से मेटाबोलिज्म बढ़ेगा और शरीर से चर्बी कम होगी. इसलिए खाने में लीन प्रोटीन, अंडे और मछली शामिल करें। खाने में फाइबर की मात्रा भी बढ़ाए ताकि आपको वजन नियंत्रित करने में मदद मिले. इसके साथ ही फाइबर की सही मात्रा शरीर में जाने से ब्लड शुगर भी सही रहेगा। मीठे और स्टार्ची फूड से दूर रहें जैसे, मिठाई, नमकीन और बाज़ार से खरीदे प्रॉसेड्ड फूड के साथ ही हाई फैट और सैचुरेटेड फैट यानी बटर, घी, फुल फैट मिल्क से भी बचें।
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इन बैग्स से बनाए अपने ट्रिप को आसान

 ट्रैवल करते हुए हर कोई अपने ट्रिप को एंजॉय करना चाहता है. ट्रिप को यादगार बनाने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है. ट्रिप पर आपको बहुत से सामान की जरूरत होती है जिसको आप अपने ट्रैवल बैग में लेकर जाते हैं. लेकिन अक्सर आपने देखा होगा कि कुछ लोगों के ट्रैवल बैग ट्रिप से पहले ही साथ छोड़ देते हैं या फिर वो आपके ट्रिप के हिसाब से सूट नहीं करते हैं. तो चलिए जानते हैं हर ट्रिप के हिसाब से कैसे चुनें ट्रैवल बैग.


1. वील्ड बैग
वैसे तो आजकल ज्यादातर लोग वील बैग का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो आज भी ट्रिप के दौरान सूटकेस ले जाना पसंद करते हैं. सूटकेस ले जाने में वैसे तो कोई खराबी नहीं है लेकिन ज्यादा सामान के साथ इन्हें कैरी करना काफी मुश्किल हो जाता है. ऐसे में आप वील्ड बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं जो आपके ट्रिप को बहुत आसान बना देते हैं. वहीं ये बैग्स कम कीमत में बाजार में मिल जाते हैं.

2. डफल बैग्स
अगर आप सिर्फ 2 से 3 दिन के लिए बाहर जा रहे हैं तो डफल बैग एक अच्छा ऑप्शन है. इन बैग्स में आपकी जरूरत का सारा सामान आ जाता है. वहीं इस तरह के बैग्स को कैरी करना भी बहुत आसान होता है. हालांकि, इनमें पहिए नहीं होते लेकिन आप आसानी से इन बैग्स को इस्तेमाल कर सकते हैं.

3. ट्रैकिंग बैग्स
एडवेंचर ट्रिप के लिए जा रहे हैं, तो ट्रैकिंग बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं. इन बैग्स को आप आसानी से अपने कंधों पर टांग सकते हैं. ये बैग्स तीन से चार दिन की ट्रिप के लिए बड़ी ही आसानी से इस्तेमाल किये जा सकते हैं. अगर आप अकेले ट्रैवल कर रहे हैं तो आपके तीन- चार दिन का आसाम इन बैग्स में आसानी से आ सकता है.

4. ऑर्गेनाइजर्स बैग्स
घर पर जिस तरह से सामान ऑर्गनाइज रहता है अगर उसी तरह से बैग में ऑर्गनाइज रखना चाहते हैं तो फिर ऑर्गेनाइजर्स बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे जब आप ट्रैवल कर रहे होते हैं तो आपको कोई भी चीज ढूंढने की जरूरत नहीं होती. इस बैग का इस्तेमाल ऑफिशियल ट्रिप पर किया जा सकता है.
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हनीमून सेलिब्रेशन के लिए इन रोमांटिक शहरों की जरूर करें सैर

झूठा-सच @ रायपुर:- अक्टूबर महीने से विंटर सीजन की शुरुआत हो जाती है। यह महीना घूमने के लिए आदर्श होता है। इस महीने में न ज्यादा ठंडी और न ही ज्यादा गर्मी रहती है। अक्टूबर का महीना वंसत ऋतू के महीने की तरह होता है। इसके लिए लोग अक्टूबर के महीने में हॉलिडे पर जाना ज्यादा पसंद करते हैं। खासकर कपल्स के लिए यह महीना सबसे उपयुक्त होता है। बरसात के बाद चारों तरफ हरियाली रहती है। रंग-बिरंगे फूलों के खिलने और पक्षियों के चहकने से वातावरण का माहौल बेहद रोमांटिक रहता है। कई कपल्स हनीमून सेलिब्रेशन के लिए अक्टूबर के महीना का चयन करते हैं। अगर आप भी अक्टूबर के महीने में हनीमून सेलिब्रेट करना चाहते हैं, तो इन रोमांटिक शहरों की जरूर सैर करें। 


श्रीनगर
श्रीनगर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। इस शहर में प्राचीन झीलें, रोमांटिक वादियां, बर्फ से ढके पहाड़ और प्राकृतिक खूबसूरती देखने लायक है। साथ ही लव लाइफ में रोमांस का तड़का डालने के लिए शिकारा की सैर कर सकते हैं। जम्मू कश्मीर और केरल में शिकारा देखने को मिलती है। लकड़ी से बने नाव को शिकारा कहा जाता है। आप अक्टूबर महीने में हनीमून सेलिब्रेशन के लिए श्रीनगर जा सकते हैं।

मसूरी
लव बर्ड्स के लिए शिमला और मसूरी परफेक्ट डेस्टिनेशन हैं। साथ ही हनीमून मनाने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। काफी संख्या में पर्यटक हर साल मसूरी आते हैं। मसूरी को पर्वतों की रानी कहकर भी पुकारा जाता है। यह शहर देवों की भूमि उत्तराखंड में स्थित है। अनुमानतः देहरादून से उत्तराखंड की दूरी 35 किलोमीटर है। अगर आप हनीमून ट्रिप के लिए मसूरी जाना चाहते हैं, तो गन हिल जरूर जाएं। यह मसूरी के खूबसूरत जगहों में से एक है। इस हिल से आप हिमालय की खूबसूरत वादियों का नजारा दे सकते हैं। खासकर अक्टूबर के महीने में मौसम बेहद सुहाना रहता है। आप अपने पार्टनर के साथ बेहतरीन पल बिता सकते हैं।

जोधपुर
अगर आप अपने हनीमून को यादगार बनाना चाहते हैं, तो जोधपुर की सैर कर सकते हैं। इस शहर की गिनती खूबसूरत और रोमांटिक शहरों में की जाती है। जोधपुर रॉयल लाइफ के लिए जाना जाता है। शहर में कई इमारतें और किले हैं, जो अपनी खूबसूरती के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। साथ ही पिकनिक और सेल्फी स्पॉट हैं। जहां आप अपने पार्टनर के साथ न केवल खूबसूरत पल बिता सकते हैं, बल्कि यादगार फोटो और वीडियोग्राफी कर ट्रिप को यादगार बना सकते हैं।

 

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इन नेचुरल चीजों से बनाएं फाउंडेशन

झूठा सच @ रायपुर :-  आपकी कितना भी स्किन का ध्यान रख लें लेकिन कभी न कभी आपके चेहरे पर पिम्पल्स के निशान हो ही जाते हैं।आपकी कितना भी स्किन का ध्यान रख लें लेकिन कभी न कभी आपके चेहरे पर पिम्पल्स के निशान हो ही जाते हैं। ऐसे में अगर आपको कहीं अर्जेंट काम या पार्टी में जाना है, तो आपको मेकअप का सहारा लेना पड़ता है। मेकअप में भी स्किन के दाग-धब्बे छुपाने के लिए फाउंडेशन बेहद कारगर है। फाउंडेशन लगाते हुए अक्सर यह ख्याल आता है कि आपकी स्किन टोन पर कौन-सा फाउंडेशन सूट करेगा। वहीं, मार्केट के कई फाउंडेशन में केमिकल्स भी बहुत ज्यादा होते हैं। ऐसे में इस बात की गारंटी नहीं ली जा सकती कि कौन-सा फाउंडेशन नेचुरल होगा। आज हम आपके लिए फाउंडेशन बनाने का तरीका लेकर आए है। फाउंडेशन वनाने के इस तरीके में सारी चीजें नेचुरल है इसलिए आपको मेकअप टच मिलने के अलावा इसे लगाने से आपकी स्किन भी रिपेयर होगी


ऐसे बनाएं नेचुरल फाउंडेशन

  • सबसे पहले एक कंटेनर में 3 चम्मच मॉइस्चराइजर लें। मॉइस्चराइजर लगाने से त्वचा में नमी बरकरार रहती है और त्वचा ड्राई नहीं होती। अब इसमें 1/2 चम्मच मक्के का आटा मिलाएं। अब फाउंडेशन को शेड देने के लिए 1/2 चम्मच जायफल पाउडर मिलाएं।
  •  पिंपल्स से छुटकारा पाने के लिए जायफल सबसे कारगर घरेलू उपाय है। अब 1/2 चम्मच कोको पाउडर डालें। कोको पाउडर को अपनी स्किन टोन के हिसाब से मिक्स करें।
  • जैसे, अगर आपकी स्किन लाइट है तो कम कोको पाउडर मिलाएं। अब इसमें एक चुटकी हल्दी मिलाएं। अब सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें। अब आप एसेंशियल ऑयल की 2 बूंदें एड करें। एक गाढ़ा पेस्ट तैयार होने तक इसे मिक्स करते रहें। घर का बना फाउंडेशन तैयार है।
  • आप अपनी स्किन टोन के हिसाब से जायफल पाउडर और कोको पाउडर की मात्रा बढ़ाकर या घटाकर फाउंडेशन के कलर टोन को लाइट या डार्क कर सकते हैं।
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बेसन के बिना पकौड़े बनाने के लिए अपनाएं ये तरीके

 झूठा सच @ रायपुर :- क्रिस्पी पकौड़ों की फरमाइश चाय के साथ परोसे गए गर्मा-गर्म पकौड़े स्वाद ही नहीं मौसम का मजा भी डबल कर देते हैं। लेकिन घर की महिलाओं के लिए समस्या तब खड़ी हो जाती है जब किचन में पकौड़े बनाते समय अचानक पता चलता है कि बेसन खत्म हो गया है। अगर आपके साथ भी ऐसा कई बार हुआ है तो अब टेंशन छोड़ बेसन के बिना पकौड़े बनाने के लिए अपनाएं ये तरीके।

प्याज, आलू, मिर्च, गोभी, कटहल, बैंगन आदि सब्जियों के पकौड़े खाने में बेहद स्वादिष्ट लगते हैं, पर क्या आपने कभी इन्हें बिना बेसन के भी बनाकर खाने की कोशिश करके देखा है। जी हां ये पकौड़े खाने में बेहद क्रिस्पी और स्वाद में लाजवाब होते हैं।

पकौड़े बनाने के लिए बेसन की जगह करें इन चीजों का इस्तेमाल-

गेहूं का आटा- बेसन की जगह अगर आप गेहूं के आटे के पकौड़े बनाने जा रहे हैं तो उसके साथ 2 चम्मच चावल का आटा और 2 चम्मच सूजी भी मिलाएं।

सूजी-  पकौड़ों के लिए अगर आप सूजी का इस्तेमाल कर रहे हैं तो 4-5 बड़े चम्मच सूजी के साथ 2 चम्मच चावल का आटा मिलाएं।

चावल का आटा- अगर आप पकौड़े बनाने में सिर्फ चावल के आटे का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपको 1.5 कप तक लग सकता है, लेकिन ये तेल ज्यादा एब्जॉर्ब करता है।

मूंग की दाल- मूंग की दाल के पकौड़ों को आप कुछ फिलिंग्स के साथ भी बना सकते हैं। यह पकौड़े भी खाने में बेहद स्वादिष्ट होते हैं।

सिंघाड़ा आटा- अगर आप चाहें तो बेसन की जगह सिंघाड़ा का आटा भी इस्तेमाल कर सकते हैं उसके लिए आपको 1 कप सिंघाड़ा का आटा इस्तेमाल करना होगा। इस घोल को ज्यादा गीला ना करें।
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काजू खाने के फायदे जानिए

काजू जीआक्संथीन नामक एंटीऑक्सीडेंट का पावर हाउस है. ऐसे में ये हमारे रेटिना पर मौजूद सुरक्षातमक परत को बनाता है और हमारी आंखों को हानिकारक यूवी किरणों से बचाता है. काजू एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो आपकी स्किन के विकास को बढ़ावा देता है. ये आपकी स्किन को तेजी से रीजनरेट करता है और इलास्टीसिटी को बनाए रखने में मदद करता है. 

सीमित मात्रा में रोजाना काजू खाने से फ्री रेडीकल्स से लड़ने में मदद मिल सकती है. हेल्दी, सोफ्ट और झुर्रियों से मुक्त त्वचा की चाहत हर कोई रखता है, ऐसे में जिंक, मैग्नीशियम, सोलेनियम, आयरन और फोस्फोरस के साथ प्रोटीन और विटामिन सी से भरपूर काजू, त्वचा की रंगत में सुधार का काम करता है.

लंबे, चमकदार बालों की चाहत रखती है तो काजू का सेवन करें. काजू में कॉपर होता है, जो बालों के विकास को बढ़ावा देता है और बालों को समय से पहले सफेद होने से रोकता है.

इसमें पोटैशियम और अन्य पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है, जो आपके स्कैल्प से झड़ते बालों को रोकता है और बालों के विकास को बढ़ावा देता है. काजू में फैट होता है, लेकिन ये ज्यादातर असंतृप्त होते हैं, कम मात्रा में खाए जाने पर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं.

जिन लोगों को नट्स खाने से एलर्जी है, उन्हें काजू खाने से बचना चाहिए क्योंकि काजू में एलर्जेंस होते हैं, जिसकी वजह से रिएक्शन हो सकता है. काजू के सेहत के लिए कई फायदे हैं लेकिन अगर आप इसकी सही मात्रा का सेवन करें. अगर आप नट्स से एलर्जिक हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें |
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डायबिटीज पीड़ितों के लिए फायदेमंद है तेज पत्ते की चाय

खाने में हल्का सा मिठा स्वाद देने के साथ ही तेज पत्ता सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। खाने की रिच ग्रेवी जब भी बनानी होती है, तो सबसे पहले तेज पत्ता ही डाला जाता है। कई घरों में इसका इस्तेमाल रोजाना किया जाता है। आज आपको बताने वाले हैं तेज पत्ते को डाइट में शामिल करने के तरीके के बारे में। जिससे आप कई स्वास्थ्य लाभ का फायदा उठा सकते हैं। आइए, जानते हैं तेज पत्ता की चाय की विधी और फायदे।


तेज पत्ता की चाय बनाने के लिए

2-3 कप पानी
4-5 तेज पत्ते

विधि

तेज पत्ते के 3-4 टुकड़े करें और उन्हें छोटे छोटे टुकड़ों में काट लें। अगर आपके पास ताजी तेजपत्ता नहीं है, तो आप सूखे तेज पत्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। क बर्तन में पानी डालकर उबाल लें। इसमें तेज पत्ते डालें। इसे रात भर के लिए छोड़ दें। पानी को छान कर सुबह पीएं।

तेज पत्ता की चाय पीने के फायदे

1) स्वास्थ्य दिल

दिल के वॉल्स को स्वस्थ्य करने में मदद करता है, क्योंकि इसमें रुटिन और कैफिक एसिड होता है। इसके साथ ही यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है, जो दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम को कम कर सकता है।

2) दर्द

इन पत्तियों में एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। जो मोच, जोड़ों के दर्द और गठिया सहित किसी भी तरह के दर्द को कम करने में मदद करते हैं।

3) कैंसर

कुछ अध्य्यनों के मुताबित इस पत्ते में कुछ ऐसे गुण होते हैं। जो कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में मदद करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें फाइटोन्यूट्रिएंट्स और कैटेचिन हैट शरीर से कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने में मदद सकता है।

4) गला

इसकी चाय सर्दी खांसी से राहत देने में मदद करती है। सांस की समस्या के लिए तेज पत्ता फायदेमंद है।

5) एनजाइटी और स्ट्रेस

काम पर बिजी दिन के बाद एक कप तेजपत्ता की चाय पीने की कोशिश करें। यह चाय आपके सभी चिंता और आपको आराम करने में मदद करेगा।

6) डायबिटीज

इस चाय के नियमित सेवन से टाइप-2 शुगर से लड़ने में मदद मिलती है। क्योंकि यह इंसुलिन उत्पादन को बढ़ावा देता है। ऐसे में ये शरीर के ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करता है।
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कोकोनट बर्फी बनाने की विधि जानिए

 कोकोनट बर्फी या लड्‍डू 

सामग्री : - 250 खोपरा बूरा, 100 ग्राम मावा, 200 ग्राम शकर, एक चम्मच घी, 1 चम्मच इलायची पावडर, चांदी का वर्क, 2-3 केसर के लच्छे, मीठा पीला रंग चुटकी भर (कटोरी में पाव चम्मच दूध में घोल लें)। लड्‍डू बनाना हो तो अलग से 200 ग्राम शकर का बूरा ले लें।

विधि : - सबसे पहले मावे को किसनी से कद्दूकस कर लें। फिर कड़ाही में धीमी आंच पर गुलाबी होने तक सेंक लें। मावा ठंडा होने पर खोपरा बूरा मिला दें। बर्फी बनाना शुरू करने से पहले डेढ़ तार की चाशनी तैयार करें। इस चाशनी में खोपरा बूरा-मावा, मीठा पीला रंग व इलायची पावडर मिला दें तथा मिश्रण को अच्छीतरह मिक्स कर लें। अब इसमें घी मिलाएं तथा पुन: हिलाएं। अगर आप बर्फी बनाना चाहते हैं तो एक थाली में थोड़ा-सा घी लगाकर उसमें तैयार मिश्रण फैला दें। ठंडा होने पर चौकोर आकार में काट लें। ऊपर से चांदी का वर्क लगाएं एवं केसर बुरका दें। तैयार कोकोनट बर्फी का लुत्फ उठाएं।
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जानिए नारियल तेल लगाने के फायदे

नारियल तेल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। नारियल तेल में विटामिन E, विटामिन K और कई मिनरल्स जैसे आयरन काफी मात्रा में पाए जाते है। नारियल तेल रक्तचाप, मधुमेह और विभिन्न हृदय रोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप भी खाना बनाते समय में रिफाइंड तेल का इस्तेमाल करते है तो अपनी इस आदत को आज ही छोड़ दे। खाने में नारियल तेल का इस्तेमाल करें। आज हम आपको बताएंगे नारियल तेल के फायदे।


हाई कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करे: नारियल तेल में लॉरिक एसिड की काफी मात्रा होती है। इसके सेवन से हाई कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है जिससे आपका ब्लड प्रैशर सामान्य रहता है। वजन कम करे: नारियल तेल नैचुरल तरीके से वजन कम करने में काफी मददगार है। यह तेल शरीर की चयापचय दर को बढ़ाता है और खाना डाइजेस्ट करने में आसान हो जाता है। स्किन के लिए लाभदायक: नारियल तेल स्किन के लिए बहुत लाभदायक होता है। नारियल तेल को स्किन मॉइस्चराइजर भी कहा जाता है। नारियल तेल झुर्रियों और त्वचा में आने वाले ढीलेपन को रोकने का काम करता है
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आज है वर्ल्ड सीनियर सिटिजंस डे, जानिए इसके महत्व

आज वर्ल्ड सीनियर सिटिजंस डे है। यह हर साल 21 अगस्त को मनाया जाता है। इसे पहली बार साल 1991 में मनाया गया था। जब संयुक्त राष्ट्र ने साल 1990 में व्यस्क यानी वृद्ध नागरिकों के सम्मान में वर्ल्ड सीनियर सिटिजंस डे मनाने की घोषणा की थी। इसका मुख्य उद्देश्य व्यस्क नागरिकों के प्रति सम्मान और स्नेह प्रकट करना है। साथ ही लोगों को वयस्कों की देखभाल और उनके कल्याण के लिए जागरुक करना है। इस मौके पर दुनियाभर में कई संगोष्ठी आयोजित की जाती है, जिनमें व्यस्क नागरिकों के महत्व को बताया जाता है। आधुनिक समय में लोग व्यस्क नागरिकों को स्नेह और सम्मान देने से कतराते हैं। हालांकि, यह बात उन्हें याद रखनी चाहिए कि व्यस्कों पर घर की नींव टिकी रहती है। आइए, इसके बारे में सब कुछ जानते हैं-


वर्ल्ड सीनियर सिटिजंस डे का इतिहास - साल 1990 की बात है। जब संयुक्त राष्ट्र ने व्यस्क नागरिकों के सम्मान के प्रति वर्ल्ड सीनियर सिटिजंस डे मनाने की घोषणा की थी। उस समय दुनियाभर के सभी देशों ने संयुक्त राष्ट्र के प्रयास की सराहना की थी। इसके अगले साल यानी सन 1991 में 1 अक्टूबर को पहली बार वर्ल्ड सीनियर सिटिजंस डे मनाया गया। संयुक्त राष्ट्र का उद्देश वृद्ध व्यक्तियों का कल्याण करना है। आज दुनियाभर में व्यस्क नागरिकों के कल्याण हेतु कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

वर्ल्ड सीनियर सिटिजंस डे का महत्व - आजकल लोग माता-पिता अथवा व्यस्क नागरिकों को तरजीह नहीं देते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि माता-पिता या घर के बुजुर्ग उनके काम में हाथ नहीं बंटा सकते हैं। हालांकि, बुजर्गों के रहने से घर की नींव मजबूत रहती है। कई मौके पर लोग अनुभव की कमी के चलते जीवन में सफल नहीं हो पाते हैं। उस समय बुजर्गों की योग्यता, अनुभव और क्षमता काम आती है। वृद्ध व्यक्ति अपने अनुभव और योग्यता से मुश्किल काम आसान कर देते हैं। सफल लोग सभी अवसर पर बड़े-बुजुर्गों से राय लेते हैं। इसके लिए न केवल वर्ल्ड सीनियर सिटिजंस डे पर, बल्कि सामान्य दिनों में भी व्यस्क नागरिकों की सेवा करनी चाहिए।

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हरियाली अमावस्या पर बनाए ये खास व्यंजन

भारत का लोकप्रिय पकवान 'मालपुआ' एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है जानिए बनाने की विधि |

सामग्री :-  1 कप मैदा छना हुआ, 1 कप दूध, 1 चम्मच सौंफ, डेढ़ कप शक्कर, 1 चम्मच नीबू रस, घी (तलने और मोयन के लिए), डेकोरेशन के लिए मेवे की कतरन, 1 चम्मच इलायची पावडर।

विधि :-  पहले मैदे में दो बड़े चम्मच घी का मोयन डालें, तत्पश्चात दूध और सौंफ मिलाएं और घोल तैयार कर लें। एक मोटे पेंदे के अलग बर्तन में शक्कर, नीबू रस और तीन-चौथाई कप पानी डालकर चाशनी तैयार कर लें। एक कड़ाही में घी गर्म करके एक बड़े चम्मच से घोल डालते जाएं और करारा फ्राय होने तक तल लें। फिर चाशनी में डुबोएं और एक अलग बर्तन में रखते जाएं।इस तरह सभी मालपुए तैयार कर लें और ऊपर से मेवे की कतरन और इलायची बुरका कर अमावस्या पर शंकरजी को मालपूए का भोग लगाएं।

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आज है फ्रेंडशिप डे, दोस्तों को भेजें ये शानदार मैसेज

 Happy Friendship Day :- कहते हैं भगवान जन्म के बाद इंसान को कई सारे रिश्ते देता है। मगर दोस्ती का रिश्ता व्यक्ति खुद बनाता है। इसलिए दुनिया में दोस्ती का रिश्ता बेहद ही अनमोल माना जाता है। जिंदगी में एक सच्चा दोस्त होने से किसी भी मुश्किल का सामना आसानी से किया जा सकता है। ऐसे में दुनियाभर में अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे यानि दोस्तों का दिन मनाया जा रहा है। इस बार यह खास दिन 1 अगस्त यानि आज मनाया जा रहा है। ऐसे मे अगर आप अपने दोस्तों से कहीं दूर है तो उन्हें शायरी या कोई खास मैसेज भेज कर विश कर सकते हैं। चलिए आज हम आपको इस खास मौके पर कुछ खास शायरी व मैसेज बताते हैं..
 
1. मुझे नहीं पता कि
मैं एक बेहतरीन दोस्त हूं
या नहीं लेकिन मुझे पूरा यकीन है
कि जिनके साथ मेरी दोस्ती है...
वे बहुत बेहतरीन हैं...

2. दोस्तों की दोस्ती में
कभी कोई रूल नहीं होता है
और ये सिखाने के लिए
कोई स्कूल नहीं होता है।
 
3. एक जैसे दोस्त सारे नहीं होते
कुछ हमारे होकर भी हमारे नहीं होते
आपसे दोस्ती करने के बाद महसूस हुआ
कौन कहता है तारे जमीन पर नहीं होते।
 
4. दिल का रिश्ता है,
इसका कोई मुकाम नहीं होता
किस्मतवालों को मिलते हैं सच्चे दोस्त 
सच्चे दोस्त के आगे कोई जहां नहीं होता।
 
5. भगवान जिन्हें खून के रिश्तों में
बांधना भूल जाते हैं,
उन्हें सच्चे दोस्त बनाकर
अपनी गलती सुधारते हैं।
 
5. भगवान जिन्हें खून के रिश्तों में
मंजिलें कदम चूने तेरी
आज दिन है 'दोस्ती' का
तू सदा खुश रहे यह दुआ है मेरी।
 
7. रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी,
दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी,
जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा,
उसे जिंदगी से कोई और शिकायत क्या होगी।
 
8. आसमान हमसे नाराज है
तारों का गुस्सा भी बेहिसाब है
मुझसे जलते हैं वे सब क्योंकि
चांद से बेहतर दोस्त जो मेरे पास है।
 

 

 

 

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गन्ने का जूस पिएं, लीवर को हेल्दी रखता

किसी व्यक्ति को पीलिया होने पर गन्ने का जूस पिलाया जाता है. गन्ने का जूस लीवर के लिए बहुत अच्छा होता है. वायरल इंफेक्शन से होगा बचाव गन्ने का जूस पीने से शरीर की इम्यूनिटी पावर बढ़ती है. 
स्वाद में मीठा होने के बावजूद भी गन्ने के जूस में फैट की मात्रा बिल्कुल कम होती है. फलों का जूस शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है. लोग हर मौसम में तरह-तरह के फलों का जूस पीना पसंद करते हैं, लेकिन कुछ फल ऐसे होते हैं जिनका जूस साल में कभी भी पीना आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है. पौष्टिक तत्वों से भरपूर गन्ना हमारे लिए कई रूपों में लाभदायक साबित हो सकता है. हरा भरा दिखने वाला ,गन्ना न सिर्फ सर्दियों में शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि गर्मियों में बॉडी को ठंडा रखता है. आपको बता दें कि गन्ने का जूस पीने से न सिर्फ शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है बल्कि यह शरीर को कई तरह की गंभीर बीमारियों से लडऩे में भी मदद करता है. 
गन्ने में फाइबर की मात्रा भी काफी अधिक पाई जाती है. गन्ने के जूस में नींबू और हल्का सेंधा नमक मिलाकर पीने में यह और भी स्वादिष्ट लगता है और साथ ही यह शरीर को एनर्जी से भरकर स्वस्थ रखता है. गन्ने का ताजा जूस पीलिया, एनीमिया और एसिडिटी को कम करने में मदद करता है. गर्मियों में गन्ने का जूस पीने से शरीर ठंडा होता है और पेट संबंधी परेशानियां कम होती हैं. 

 

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घर पर बनाएं होममेड बॉडी स्क्रब

नेचुरल स्क्रबर का प्रयोग करेंगे तो इसका? स्किन पर नुकसान नहीं होगा और आपकी त्वचा भी दमकती रहेगी, चेहरे की स्किन का तो केयर करते हैं लेकिन अपने हाथ, पैर और बॉडी की स्किन की परवाह कई बार नहीं करते. जिस वजह से स्किन एक समय के बाद डल और ड्राई लगने लगती है. ऐसे में चेहरे के साथस-साथ शरीर के अन्य हिस्सों की स्किन को भी मॉइस्चराइजेशन और एक्सफोलिएशन की जरूरत पड़ती है. इसके लिए आप बॉडी स्क्रब का प्रयोग कर सकते हैं. अगर आप नेचुरल स्क्रबर का प्रयोग करेंगे तो इसका? स्किन पर नुकसान नहीं होगा और आपकी त्वचा भी दमकती रहेगी. ऐसे में आप घर पर बने बॉडी स्क्रबर का प्रयोग कर सकते हैं तो आइए जानते हैं कि बॉडी स्किन पर जमा डेड स्किन और गंदगी को हटाने, स्किन को मुलायम और हेल्दी रखने के लिए आप घर पर कैसे स्क्रबर बनाएं.

बॉडी स्क्रबर बनाने की विधि: इस स्क्रबर का बनाने के लिए आपको चाहिए एक कप मसूर दाल, आधा कप शहद, दो चम्मच ऑलिव ऑयल.इसे बनाने के लिए सबसे पहले मसूर दाल को रात भर पानी में भिगो दें. सुबह इसे नरम होने तक उबालें. ठंडा होने पर इसे ब्लेंडर में पीस लें औरे इसमें शहद मिला दें. लास्ट में इसमें जैतून का तेल मिलाएं. आपका मसूर दाल और शहद का बॉडी स्क्रब तैयार है. आप इसे हर सप्ताह नहाने से पहले पूरे चेहरे पर लगाएं और मसाज करें. इसके बाद ठंडे पानी से नहा लें. आपकी त्वचा कोमल और मुलायम बनी रहेगी.
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